तुम कहते हो हम गर जुदा हो जायेंगे तुम होगे थोडा मसरूफ और हम भूल जायेंगे
क्या मुमकिन है कभी करना साँसों को साँसों से जुदा
क्या मुमकिन है कभी करना आँखों से खवाब जुदा
क्या मुमकिन है कभी करना दिल को धड़कन से जुदा
क्या मुमकिन है कभी करना चाहत को मन से जुदा
गर नहीं ये सब मुमकिन तो मेरे महबूब बता
कैसे कर पाउँगा मै दिल के टुकड़े को दिल से जुदा
क्या तुम भूली मुझे, जब ना था मै पास में तेरे
क्या तुमने खोया मुझे एक पल भी, जब अपने थे तुम्हे घेरे
क्या ना सोचा कभी तुमने की काश तुम हो पाते मेरे
क्या ना चाहा कभी तुमने की दूर होजाएं ये अँधेरे
गर हुआ है अब तक यही तो मेरे महबूब बता
कैसे बसेगी अलग दुनिया, जब हमारा एक है खुदा
वैभव मैत्रेय
क्या मुमकिन है कभी करना साँसों को साँसों से जुदा
क्या मुमकिन है कभी करना आँखों से खवाब जुदा
क्या मुमकिन है कभी करना दिल को धड़कन से जुदा
क्या मुमकिन है कभी करना चाहत को मन से जुदा
गर नहीं ये सब मुमकिन तो मेरे महबूब बता
कैसे कर पाउँगा मै दिल के टुकड़े को दिल से जुदा
क्या तुम भूली मुझे, जब ना था मै पास में तेरे
क्या तुमने खोया मुझे एक पल भी, जब अपने थे तुम्हे घेरे
क्या ना सोचा कभी तुमने की काश तुम हो पाते मेरे
क्या ना चाहा कभी तुमने की दूर होजाएं ये अँधेरे
गर हुआ है अब तक यही तो मेरे महबूब बता
कैसे बसेगी अलग दुनिया, जब हमारा एक है खुदा
वैभव मैत्रेय
