Saturday, 5 November 2011

Maan

तेरा मन मेरा मन एक जैसा सनम
मैंने लिया तुने लिया एक युग में जनम

मैंने देखा तुने देखा अजब बात हुई
मै तो भुला तू भी भूली क्यों दुनिया सनम

मेरे बीच तेरे बीच न कोई बात हुई
तेरी आँखों में क्यों देखा वो प्यार वाला नम

तेरा मन मेरा मन एक जैसा सनम
मैंने लिया तुने लिया एक युग में जनम

मेरे लब तेरी प्यास कब जुदा हुए
मेरी जान तेरा जिस्म कब थे एक सनम

चाहा मैंने चाहा तुने बस सुनते रहे एक दुसरे को हम
मेरी आँखे तेरी आँखे ही क्यों बस बोली सनम

तेरा मन मेरा मन एक जैसा सनम
मैंने लिया तुने लिया एक युग में जनम

मैंने दिन तुने रात बस किया इंतज़ार
जाना मैंने जाना तुने दिन ज़िन्दगी है चार
मै डूबा तू भी डूबी हुए मदहोश हम
मैंने किया तुने किया ना इंतज़ार कम

जानू मै ये जाने तूभी ना हम तुम हैं जुदा
तुभी पूजे मैभी पुजू हमारा एक है खुदा
तेरी दुनिया मेरी दुनिया चले साथ साथ हरदम

ना मिले तू ना मिलु मै क्या ये इतेफाक है
बीत जाए कोई नहीं चाहे ये जनम
मिलेंगे हम मिलोगे तुम फिर हर एक जनम

तेरा मन मेरा मन एक जैसा सनम
मैंने लिया तुने लिया एक युग में जनम

वैभव मैत्रेय

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