कोरे कागज़ को अगर ध्यान से देखा जाये तो वोह कोरा नहीं होता ! कुछ लकीरे जिन्हें हम lines कहते हैं वे तो होती ही हैं ! फिर उन लइनो का भी अपना महत्व है ! किस लाइन में कौन जाने कितनी महत्वपूर्ण बात लिखी जानी है ! आप जानते हैं लाइने मुस्कराती भी हैं और रोना भी उनकी किस्मत में है ! जब कलम की नोक से घायल होती हैं तो दर्द का एहसास उन्हें भी होता है ! मगर मूक हैं बेचारी ! लेकिन मै लाइनों की भाषा जान गया हूँ ! एक दिन एक लाइन अपने को कॉपी से अलग कर बोली "क्या जमाना आगया है", अब तो लोग हमें भी खुश देखना पसंद नहीं करते !
ऐसी ऐसी बातो से लहुलुहान कर देते हैं की जख्म भरना भी मुस्किल हो जाता है ! मेरी कई सहेलियां जो आपनी किस्मत पर इतराया करती थी आज चिर निंद्रा में सो चुकी हैं
हम लोग जानते है की मनुष्य जाती स्वार्थियों से भरी है ! मगर मुझे ये सब कहने का कोई हक नहीं ! अब तो हमारे ऊपर लिखे गए शब्दों का असर हमारे व्यक्तित्व पर भी होने लगा है ! चाह कर भी हम कुछ नहीं कर सकते ! यहाँ तक की कोई हमारी करुण पुकार तक नहीं सुनता ! तुमसे न जाने कैसे जान पहचान हो गयी, शायद इश्वर की कृपा से हम तुम्हे अपने दुःख बताने में सफल हुए ! लेकिन अब मेरे दिल का बोझ थोडा हल्का हुआ है ! देखो अब जब तुम्हारी हमारी पहचान हो ही गयी है तो तुम्हे हमारा ध्यान रखना पड़ेगा ! हमारी तुम से गुजारिश है की हमारा दुरूपयोग मत होने देना ! वर्ना मेरी बीमार माँ स्वस्थ होने के बजाये मर जाएगी और उसके ज़िम्मेदार सिर्फ तुम होगे !
ऐसी ऐसी बातो से लहुलुहान कर देते हैं की जख्म भरना भी मुस्किल हो जाता है ! मेरी कई सहेलियां जो आपनी किस्मत पर इतराया करती थी आज चिर निंद्रा में सो चुकी हैं
हम लोग जानते है की मनुष्य जाती स्वार्थियों से भरी है ! मगर मुझे ये सब कहने का कोई हक नहीं ! अब तो हमारे ऊपर लिखे गए शब्दों का असर हमारे व्यक्तित्व पर भी होने लगा है ! चाह कर भी हम कुछ नहीं कर सकते ! यहाँ तक की कोई हमारी करुण पुकार तक नहीं सुनता ! तुमसे न जाने कैसे जान पहचान हो गयी, शायद इश्वर की कृपा से हम तुम्हे अपने दुःख बताने में सफल हुए ! लेकिन अब मेरे दिल का बोझ थोडा हल्का हुआ है ! देखो अब जब तुम्हारी हमारी पहचान हो ही गयी है तो तुम्हे हमारा ध्यान रखना पड़ेगा ! हमारी तुम से गुजारिश है की हमारा दुरूपयोग मत होने देना ! वर्ना मेरी बीमार माँ स्वस्थ होने के बजाये मर जाएगी और उसके ज़िम्मेदार सिर्फ तुम होगे !
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