Wednesday, 16 January 2013

करेंगे इंतज़ार हम

चले जाना तेरा वो आज,
आने का कल वादा करके
करेंगे इंतज़ार हम भी,
चाहे आना पड़े मर के

ख़ुशी इस बात की है दोस्त
कि चाहते तुम भी हो हमको
बेशक आज कही ये बात,
तुम ने यूँ डरते डरते

चले जाना तेरा वो आज,
आने का कल वादा करके
करेंगे इंतज़ार हम भी,
चाहे आना पड़े मर के

चाहता है दिल ये मेरा
भरलूं बाहों में आज तुम को
अरमां हो जाएँ आज पूरे
तुमको निगाहों में कैद करके

पिघल जाएगी ये शबनम भी
दिल में शोलें हैं जो भड़के
गुजारी रात जो आँखों में
नीद आई उन्हें तडके

चले जाना तेरा वो आज,
आने का कल वादा करके
करेंगे इंतज़ार हम भी,
चाहे आना पड़े मर के

तेरे दीदार को ए यार
मजमा है रोज़ यहाँ लगता
न खरीदा तुम ने कोई दिल
तेरे दीदार के सदके

बहा लहू जो आँखों से
एक दरिया ही बह निकला
हुआ फनाह ये आशिक भी
चला कंधो पे चार लध्के

"वैभव मैत्रेय"