क्यों ये फासले हैं
क्यों ये दूरियां हैं
क्यों आज खामोश है तू
क्यों ये मजबूरियां हैं
कहाँ मुमकिन है की ये
याद ना आये तेरी
कहाँ मुश्किल है बता
क्यों ये दूरियाँ हैं
जानता हूँ नहीं चाहती तुम भी
देखना आँख में आंसू मेरी
फिर किस बात की ये हमें
मिल रही सजा है
क्यों ये फासले हैं
क्यों ये दूरियां हैं
क्यों आज खामोश है तू
क्यों ये मजबूरियां हैं
है परेशान तुभी
देख कर हालत ये मेरी
मेरी बाँहों में नहीं तू
बढ़ रही क्यों दूरियां हैं
"वैभव मैत्रेय"
क्यों ये दूरियां हैं
क्यों आज खामोश है तू
क्यों ये मजबूरियां हैं
कहाँ मुमकिन है की ये
याद ना आये तेरी
कहाँ मुश्किल है बता
क्यों ये दूरियाँ हैं
जानता हूँ नहीं चाहती तुम भी
देखना आँख में आंसू मेरी
फिर किस बात की ये हमें
मिल रही सजा है
क्यों ये फासले हैं
क्यों ये दूरियां हैं
क्यों आज खामोश है तू
क्यों ये मजबूरियां हैं
है परेशान तुभी
देख कर हालत ये मेरी
मेरी बाँहों में नहीं तू
बढ़ रही क्यों दूरियां हैं
"वैभव मैत्रेय"
प्रेम की कोमल अभिव्यक्ति....
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