ये दर्द किसे दिखलाऊ मै
ये दर्द बड़ा अजीब है
है दिल दिन रात रोता मेरा
ये वजह बड़ी वाजिब है
है गुनाह ये किसी और का
भुगत रहा कोई ओर है
ये दर्द किसे दिखलाऊ मै
ये दर्द बड़ा अजीब है
क्या भूक है
क्या प्यास है
इस बात का किसे एहसास है
कब दिन ढला
कब रात हुई
कहाँ इस बात का कोई हिसाब है
ये दर्द किसे दिखलाऊ मै
ये दर्द बड़ा अजीब है
है दिल दिन रात रोता मेरा
ये वजह बड़ी वाजिब है
"वैभव मैत्रेय"
ये दर्द बड़ा अजीब है
है दिल दिन रात रोता मेरा
ये वजह बड़ी वाजिब है
है गुनाह ये किसी और का
भुगत रहा कोई ओर है
ये दर्द किसे दिखलाऊ मै
ये दर्द बड़ा अजीब है
क्या भूक है
क्या प्यास है
इस बात का किसे एहसास है
कब दिन ढला
कब रात हुई
कहाँ इस बात का कोई हिसाब है
ये दर्द किसे दिखलाऊ मै
ये दर्द बड़ा अजीब है
है दिल दिन रात रोता मेरा
ये वजह बड़ी वाजिब है
"वैभव मैत्रेय"
No comments:
Post a Comment