मै अक्सर सोचता हूँ कि रंग ए लहू लाल क्यों है
गर होता नीला या सफ़ेद तो क्या होता
ओर जो होता तो क्या ये इन रगों में न बहता होता
क्या वजह है कि लाल होकर भी है लाल से जुदा
क्या वजह है कि हर किसी का मज़हब है जुदा
फिर क्यों कहते हो कि सब का एक है खुदा
मै अक्सर सोचता हूँ कि रंग ए लहू लाल क्यों है
क्या फायदा किसी को इस के होने का
न काम आया जब जरूरत थी मेरे अपनों को
न कर पाया क्यों पूरा मैं उन सपनो को
क्यों न बचा सका मै मेरे उन अपनों को
क्या फरक है तुम में ओर उस जानवर में बता
वो करता है डर के वार ओर इस में उसकी क्या है खता
तुम देखो तरफ अपनी जो घोपते हो बिन बात के खंज्हर
लूट मची है हर ओर और देख रहे तुम मंज़र
मै अक्सर सोचता हूँ कि रंग ए लहू लाल क्यों है
क्यों ये गर्म खून आज हो गया पानी
कहाँ गए वो नौजवां, कहाँ गयी वो रवानी
कहाँ है वो देश पे मिटने वाले,
कहाँ खोई है वो आजादी की कहानी
आज बहता है क्यों आँखों से ये लहू
औलाद के छोड़ने की वजह, बताओ किससे कहूँ
मै अक्सर सोचता हूँ कि रंग ए लहू लाल क्यों है
गर होता नीला या सफ़ेद तो क्या होता
ओर जो होता तो क्या ये इन रगों में न बहता होता
क्या वजह है कि लाल होकर भी है लाल से जुदा
क्या वजह है कि हर किसी का मज़हब है जुदा
फिर क्यों कहते हो कि सब का एक है खुदा
मै अक्सर सोचता हूँ कि रंग ए लहू लाल क्यों है
क्या फायदा किसी को इस के होने का
न काम आया जब जरूरत थी मेरे अपनों को
न कर पाया क्यों पूरा मैं उन सपनो को
क्यों न बचा सका मै मेरे उन अपनों को
क्या फरक है तुम में ओर उस जानवर में बता
वो करता है डर के वार ओर इस में उसकी क्या है खता
तुम देखो तरफ अपनी जो घोपते हो बिन बात के खंज्हर
लूट मची है हर ओर और देख रहे तुम मंज़र
मै अक्सर सोचता हूँ कि रंग ए लहू लाल क्यों है
क्यों ये गर्म खून आज हो गया पानी
कहाँ गए वो नौजवां, कहाँ गयी वो रवानी
कहाँ है वो देश पे मिटने वाले,
कहाँ खोई है वो आजादी की कहानी
आज बहता है क्यों आँखों से ये लहू
औलाद के छोड़ने की वजह, बताओ किससे कहूँ
मै अक्सर सोचता हूँ कि रंग ए लहू लाल क्यों है
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