कृपा ईश्वर की मुझपर दिन रात रहती है
बड़ा खुशनसीब हूँ मैं ऐसा दुनियाँ कहती है
तेरी रहमत को मैं हरबार मेहसूस करता हूँ
करके हरबार तेरे दर्शन, मेरी अश्रुधारा बहती है
होते ही परेशान, बुलाना तेरा करीब
नज़रें इनायत ऐसी तेरी हरबार होती है
कृपा ईश्वर की मुझपर दिन रात रहती है
बड़ा खुशनसीब हूँ मैं ऐसा दुनियाँ कहती है
"वैभव मैत्रेय"
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