कभी नज़रें इनायत से
कभी शिकवे शिकायत से
एक रिश्ता मुकम्मल रहता है
तेरी दिलकश बातों से
कभी मजबूर कर देना
कभी मजबूर हो जाना
मांगना एक दूसरे से फिर माफ़ी
हर एक हिमाकत पे
कभी तकरार की बातें
कभी वो प्यार की रातें
खुदको फनाह करके
देना प्यार की सौगातें
एक रिश्ता मुकम्मल रहता है
तेरी दिलकश बातों से
कभी आना करीब तेरा
कभी खुद से जुदा करना
कभी ना मिलने की बातें
कभी पास आने के तेरे वादे
एक रिश्ता मुकम्मल रहता है
तेरी दिलकश बातों से
"वैभव मैत्रेय"
कभी शिकवे शिकायत से
एक रिश्ता मुकम्मल रहता है
तेरी दिलकश बातों से
कभी मजबूर कर देना
कभी मजबूर हो जाना
मांगना एक दूसरे से फिर माफ़ी
हर एक हिमाकत पे
कभी तकरार की बातें
कभी वो प्यार की रातें
खुदको फनाह करके
देना प्यार की सौगातें
एक रिश्ता मुकम्मल रहता है
तेरी दिलकश बातों से
कभी आना करीब तेरा
कभी खुद से जुदा करना
कभी ना मिलने की बातें
कभी पास आने के तेरे वादे
एक रिश्ता मुकम्मल रहता है
तेरी दिलकश बातों से
"वैभव मैत्रेय"
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