वो गिला भी करतें हैं गैरों की तरह
वो आतें हैं हरबार लहरों की तरह
मेरी ख़ामोशी की भी एक कहानी है
नहीं पाओगे हमें हजारों की तरह
"वैभव मैत्रेय"
वो आतें हैं हरबार लहरों की तरह
मेरी ख़ामोशी की भी एक कहानी है
नहीं पाओगे हमें हजारों की तरह
"वैभव मैत्रेय"
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