तेरे इंतज़ार ने मुझे,
आज बेचैन कर डाला
तुम जैसे कोई प्रेम मूरत
और मेरा मन हो कोई शिवाला
दर्शन को तेरे देवी,
ये भक्त कबसे खडा है
इस आस में है पागल,
कि तू देदे प्रेम प्याला
हर आहट तेरे आने का
देती है भ्रम मुझको
होगा हसीन वो वक़्त कितना,
जो लायेगा सामने तुझको
तूने मेरे बेचैन दिलको,
फिर दीवाना कर डाला
तुम जैसे कोई प्रेम मूरत
और मेरा मन हो कोई शिवाला
सोचना बस इतना है
और इतनी सी बस चाह है
राह तुमने जो है चलनी,
वो ही मेरी राह है
चली आओ अब तो
ए हमराह मेरी
कर दो इन राहों में
फिर से उजाला
तेरे इंतज़ार ने मुझे,
आज बेचैन कर डाला
तुम जैसे कोई प्रेम मूरत
और मेरा मन हो कोई शिवाला
"वैभव मैत्रेय"
आज बेचैन कर डाला
तुम जैसे कोई प्रेम मूरत
और मेरा मन हो कोई शिवाला
दर्शन को तेरे देवी,
ये भक्त कबसे खडा है
इस आस में है पागल,
कि तू देदे प्रेम प्याला
हर आहट तेरे आने का
देती है भ्रम मुझको
होगा हसीन वो वक़्त कितना,
जो लायेगा सामने तुझको
तूने मेरे बेचैन दिलको,
फिर दीवाना कर डाला
तुम जैसे कोई प्रेम मूरत
और मेरा मन हो कोई शिवाला
सोचना बस इतना है
और इतनी सी बस चाह है
राह तुमने जो है चलनी,
वो ही मेरी राह है
चली आओ अब तो
ए हमराह मेरी
कर दो इन राहों में
फिर से उजाला
तेरे इंतज़ार ने मुझे,
आज बेचैन कर डाला
तुम जैसे कोई प्रेम मूरत
और मेरा मन हो कोई शिवाला
"वैभव मैत्रेय"
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