मोहोब्बत तुझे बेपनाह दिन रात करतें हैं
न पूछ कैसे खुदको तुझसे हम जुदा करतें हैं
दर्द का मेरे न हो जाये दीदार कहीं तुझे
बस खुदा से यही दुआ हर बार करतें हैं
"वैभव मैत्रेय"
न पूछ कैसे खुदको तुझसे हम जुदा करतें हैं
दर्द का मेरे न हो जाये दीदार कहीं तुझे
बस खुदा से यही दुआ हर बार करतें हैं
"वैभव मैत्रेय"
बहुत खूब
ReplyDeleteसादर