Friday, 21 September 2012

जब तुम उदास होती हो

जब तुम उदास होती हो
तब सब उदास होता है
तन्हाई के आलम में
ये दिल भी तब रोता है

जब तुम महकती हो
ये दिल तब चहकता है
मदहोशी के आलम में
ये दिल भी बहकता है

जब तुम उदास होती हो
तब सब उदास होता है

जब तुम चली जाती हो
एक ख़ामोशी छा जाती है
धुंध के आलम में
ये दिल भी भटकता है

और

जब तुम आ जाती हो
इक बहार सी आ जाती है
संगीत के मौसम सा
ये मन नाचता है

जब तुम उदास होती हो
तब सब उदास होता है

बस यही दुआ है मेरी रब से
कि तुम महेकती हुई आओ
इस दिल को बहकाओ
इस मन को नचाओ

क्यूंकि

जब तुम उदास होती हो
तब सब उदास होता है

"वैभव मैत्रेय"
 

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