Monday, 26 March 2012

तेरी खुसबू

तेरी चाहत में जो कटी रातें वो मै लाता कैसे
मेरे ख्वाबों को तेरी आँखों में बसाता कैसे
मेरी सांसो से तेरी खुसबू मै मिटाता कैसे

तुने दुनियां की निगाहों से जो बचकर देखा
प्यार ही प्यार निगाहों में भरकर देखा
कभी दूर तो कभी पास आकर देखा


मेरी नज़रें तुझे ढूंढे हैं दीवानों की तरह
दर्द बहता है मेरी आँखों से क्यों पानी की तरह
न पूरी हुई जो कभी उस कहानी की तरह
तेरी चाहत में जो कटी रातें वो मै लता कैसे
मेरे ख्वाबों को तेरी आँखों में बसाता कैसे
मेरी सांसो से तेरी खुसबू मै मिटाता कैसे

तेरी यादें में साथ अपने ले आया हूँ
हर शिकायत को आज छोड़ आया हूँ




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